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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ (पीलिया) होने के कारण
वैसे कारण जिनका संबंध गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से है:
हाइपरमेसिस गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¡à¤°à¤®â€“ यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ कंडीशन है जिसमें होने वाली माठको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ होती है, इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ इमà¥à¤¬à¥ˆà¤²à¥‡à¤‚स और वजन घटाने लगता है।
इंटà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥‡à¤ªà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸â€“ इसमें आपको गंà¤à¥€à¤° रूप से खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पितà¥à¤¤ के नॉरà¥à¤®à¤² फà¥à¤²à¥‹ में बांधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
पà¥à¤°à¥€-à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾â€“ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ कंडीशन जिसमें आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤¾ रहता है और पेशाब में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है।
हेलà¥à¤ª (HELLP) सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®- यह à¤à¤• लीवर डिसऑरà¥à¤¡à¤° है, जिसे पà¥à¤°à¥€-à¤à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° रूप माना जाता है और इससे आपकी जान को à¤à¥€ खतरा हो सकता है।
à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट फैटी लीवर- लीवर डिसऑरà¥à¤¡à¤° लीवर में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• फैट जमने के कारण होता है।
वैसे कारण जिनके संबंध गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से नहीं है:
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लीवर डिसऑरà¥à¤¡à¤°:
à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट वायरल हेपेटाइटिस: à¤à¤šà¤à¤µà¥€ (हेपेटाइटिस ठवायरस) / à¤à¤šà¤ˆà¤µà¥€ (हेपेटाइटिस ई वायरस)
डà¥à¤°à¤—-इनà¥à¤¡à¥‚सà¥à¤¡ हेपेटाइटिस: पीसीà¤à¤® (पेरासिटामोल) ओवरडोज
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• हेपेटाइटिस à¤à¤šà¤¬à¥€à¤µà¥€ (हेपेटाइटिस बी वायरस) / à¤à¤šà¤¸à¥€à¤µà¥€ (हेपेटाइटिस सी वायरस)
ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न हेपेटाइटिस
विलà¥à¤¸à¤¨ डिजीज
लीवर सिरोसिस
बड चैरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
पà¥à¤°à¥€-हेपेटिक (लीवर) कारण: हेमोलिटिक à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण मलेरिया और सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ जैसे कंडीशन पैदा हो सकती है।
अतिरिकà¥à¤¤ कारण: मोटापा, कà¥à¤› ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न डिजीज, जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ विकृति या कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² लेवल का बà¥à¤¨à¤¾à¥¤
à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के संकेत और लकà¥à¤·à¤£
लीवर संबंधी बीमारी से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› कॉमन संकेत और लकà¥à¤·à¤£:
आà¤à¤–ों का पीला पड़ना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पीलापन
गहरे रंग का पेशाब
खà¥à¤œà¤²à¥€
हलà¥à¤•े रंग का मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—
कमजोरी
à¤à¥‚ख में कमी
सरदरà¥à¤¦
मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€
बà¥à¤–ार
लीवर के आसपास सूजन होना
पैर, टखने, और पंजों में सूजन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का निदान
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान लीवर की बीमारी का निदान करना चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€à¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो सकता है और यह लैब की जाà¤à¤š पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसके संकेत और लकà¥à¤·à¤£ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बहà¥à¤¤ विशिषà¥à¤Ÿ नहीं होते हैं और इसमें उलà¥à¤Ÿà¥€, और पेट में दरà¥à¤¦ आदि लकà¥à¤·à¤£ शामिल हो सकते हैं। जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ माठऔर बचà¥à¤šà¥‡ दोनों पर पड़ सकता है जिसके लिठकई सारे टेसà¥à¤Ÿ कराने आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है। यहाठजॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का निदान करने के लिठकà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ तरीके बताठगठहैं:
कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤•ल जाà¤à¤š
जाà¤à¤š के दौरान सà¥à¤•िन चेंजेस दिखाई देना जैसे हथेली का लाल पड़ना और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर घाव आदि। ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ लेवल हाई होने के कारण होते हैं और यह लगà¤à¤— 60% हेलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में होते हैं।
लैब टेसà¥à¤Ÿ के परिणामों में अबà¥à¤¨à¥‹à¤°à¥à¤®à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ होना
लैब टेसà¥à¤Ÿ जिसमें सीरम में à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤¯à¥‚मिन (à¤à¤• पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨) लेवल कम होता है, à¤à¤à¤²à¤ªà¥€ या à¤à¤²à¥à¤•लाइन फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ का उचà¥à¤š होना, पà¥à¤°à¥‹à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¤¿à¤¨ टाइम (पीटी) का उचà¥à¤š होना समसà¥à¤¯à¤¾ की ओर इशारा करता है।
सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ या इमेजिंग
निदान के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‹à¤¨à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ चà¥à¤¨à¤¨à¤¾ à¤à¤• बेहतर विकलà¥à¤ª है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें रेडिà¤à¤¶à¤¨ नहीं होता है, जिससे फीटस को कोई खतरा हो। मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• रेजोनेंस इमेजिंग (à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ) का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। यह टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (सीटी) और à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपिक रेटà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¡ कोलेंगà¥à¤œà¥‹à¤ªà¥ˆà¤‚कà¥à¤°à¥€à¤à¤Ÿà¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (ईआरसीपी) की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है, जो लेकिन इसमें बचà¥à¤šà¥‡ को रेडिà¤à¤¶à¤¨ से नà¥à¤•सान होने का खतरा होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ से होने वाले जोखिम और कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होने के कारण फीटस पर à¤à¥€ इसका बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है। यह जोखिम मैटरनल और डिलीवरी संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जà¥à¥œà¥‡ हो सकते हैं, जिससे बचà¥à¤šà¥‡ पर सीधा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
मैटरनल हेलà¥à¤¥ से जोखिमों में फà¥à¤²à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤‚ट (लीवर में होने वाली गंà¤à¥€à¤° हानि) या गंà¤à¥€à¤° हेपेटाइटिस (अगर इलाज न किया जाà¤), लीवर à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡à¤«à¥ˆà¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ (गंà¤à¥€à¤° रूप से लीवर डैमेज हो जाने के कारण नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨), लीवर डैमेज के कारण किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे कि हेपटोरेनल, लीवर सिरोसिस, à¤à¤¬à¥à¤¨à¤¾à¤°à¥à¤®à¤² बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग जैसे बवासीर आदि होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है और कà¥à¤› मामलों में लीवर खराब होने तक का खतरा होता है।
डिलीवरी संबंधी कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ में पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी, सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥, पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का टूट जाना, डिलीवरी के बाद बवासीर होना और डिलीवरी के दौरान नवजात शिशॠमें इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा होता है।
नवजात शिशॠके में आईयूजीआर (इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टराइन गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रेटारà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨), जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हेपेटाइटिस और करà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤•टस (जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के कारण नवजात शिशॠका बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डैमेज होना) से लेकर नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल संबंधी कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और गंà¤à¥€à¤° मामलों में सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होने का खतरा होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के लिठउपचार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का उपचार इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि इसका कारण कà¥à¤¯à¤¾ है और इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के किस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में देखा गया।
यहाठजॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ उपचार बताठगठहैं, जो इसके कारण के आधार पर शामिल नहीं किठगठहैं,
आहार संबंधी उपाय: डाइट में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की कमी होने के अलावा à¤à¥‹à¤œà¤¨ और दवाà¤à¤‚ ठीक से न लेने पर यह आपके लीवर के लिठहानिकारक हो सकता है।
सामानà¥à¤¯ उपाय: परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रूप से आराम करें, हाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, बीपी और पेशाब पर नजर रखना, ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और बà¥à¤²à¤¡ कॉमà¥à¤ªà¥‹à¤¨à¥‡à¤‚ट की सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट आदि लेने से आपका इलाज बेहतर तरीके से हो सकेगा।
जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का इलाज करने के नीचे बताई गई कंडीशन पर निरà¥à¤à¤° करता है:
वायरल हेपेटाइटिस में à¤à¤‚टीवायरल, वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ और इंटरफेरॉन
à¤à¤‚टीथà¥à¤°à¥‹à¤®à¥à¤¬à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ में बà¥à¤¦à¥à¤§ चेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® या ईà¤à¤šà¤µà¥€à¤Ÿà¥€
हेमोलिटिक à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के किसी à¤à¥€ विशिषà¥à¤Ÿ कारणों का उपचार
वैरिकल हैमरेज के लिठसरà¥à¤œà¤¿à¤•ल बैंडिंग
लीवर सिरोसिस में सरà¥à¤œà¤°à¥€
लीवर डिजीज की आखिरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में लीवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट करना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होने से कैसे रोकें
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार Healthy Diet
आपको केवल अनà¥à¤¶à¤‚सित मातà¥à¤°à¤¾ में डेयरी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और मांस जैसे वसायà¥à¤•à¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ का सेवन करना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करने से यह आपके लिवर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
सही वजन
हेलà¥à¤¦à¥€ वजन बनाठरखें और रकà¥à¤¤ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² लेवल को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करें।
नियमित टीकाकरण
टीकाकरण की मदद से हेपेटाइटिस को रोका जा सकता है। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसके बारे में आपको सलाह दे सकते हैं।
दवाओं का सेवन सीमित करें
वैसी दवाओं को लेने से बचें जो लीवर के लिठटॉकà¥à¤¸à¤¿à¤• हो सकता हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान किसी à¤à¥€ दवाओं का सेवन करने से पहले आपको अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहानिकारक हो सकते हैं।
यातà¥à¤°à¤¾ करते समय सतरà¥à¤• रहें
उन जगहों पर जाने से बचें जहाठमलेरिया जैसी बीमारी होने का खतरा हो। मलेरिया परजीवी रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ को नषà¥à¤Ÿ कर देते हैं और इससे आपको जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ हो सकता है।
जोखिम के कारकों को कम करके
नियमित जांच के लिठजाà¤à¤‚। जैसे ही आप जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को देखें, तो तà¥à¤°à¤‚त इसका इलाज करवाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚ ताकि इसे जलà¥à¤¦à¥€ ठीक किया जा सके। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाले जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का आसानी से किया जा सकता है अगर इसका निदान समय पर किया जाठतो।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के लिठघरेलू उपचार
आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ के उपचार के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचारों को अजमा सकती हैं। ये मेडिकली रूप से सिदà¥à¤§ नहीं हैं, लेकिन आप अपना इलाज जारी रखने के साथ यह घरेलू उपाय अजमा सकती हैं इससे आपको जलà¥à¤¦à¥€ ठीक होने मदद मिलेगी।
दिन में दो से तीन बार मेथी की चाय पीना से जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ को ठीक करने में मदद मिलती है।
सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी नमक और काली मिरà¥à¤š के साथ à¤à¤• गिलास टमाटर का जूस पीने से यह जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ का इलाज करने के लिठकाफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान लीवर संबंधी बीमारी आपको à¤à¤• हलà¥à¤•ी बीमारी लग सकती है और इसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कम होते हैं, यहाठतक आपकी à¤à¤¬à¥à¤¨à¤¾à¤°à¥à¤®à¤² लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ रिपोरà¥à¤Ÿ आई हो तब à¤à¥€à¥¤ यह समसà¥à¤¯à¤¾ अपने आप ही ठीक होती है या फिर यह à¤à¤• सीरियस कंडीशन का à¤à¥€ रूप ले सकती है और आपके लीवर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है। इसकी वजह से आपका लीवर हमेशा के लिठखराब हो सकता है। वायरल हैपेटाइटिस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जॉनà¥à¤¡à¤¿à¤¸ होने का सबसे आम कारण है। यह à¤à¤• छोटी से लेकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। हेपेटाइटिस ई और à¤à¤šà¤à¤¸à¤µà¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को छोड़कर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है।
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